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- Description
Bihar Ke Paryatan Stahal Aur Sanskritik Dharohar-Subodh Kumar Nandan
About the Products:
अनेक धर्मावलंबियों की पवित्र भूमि रहा बिहार अपने गौरवशाली इतिहास के लिए आज भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है। सूफी संतों की कर्मभूमि, बौद्ध धर्म का उदय और भगवान महावीर की निर्वाण स्थली बिहार ही है। ऐतिहासिक स्थल और यहाँ की परंपराएँ सांस्कृतिक सद्भाव की अद्भुत मिसाल हैं। शेरशाह का मकबरा हिंदू-मुसलिम वास्तुकला का श्रेष्ठ नमूना है। विश्व का सबसे ऊँचा बौद्ध स्तूप और विश्वविख्यात देव का सूर्य मंदिर बिहार की शान में चार चाँद लगाते हैं। पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए हिंदुओं के पवित्र तीर्थस्थल गया में वर्ष भर दुनिया के कोने-कोने से लोगों की भीड़ जुटती है। बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व को बताती प्रस्तुत पुस्तक में पाठक लेखक की नजरों से बिहार के हर ऐतिहासिक कोने का दर्शन करेंगे। इसके अलावा बिहार के मेले, पर्व-त्योहार, लोक चित्रकला, लोक नृत्यों सहित बिहार के पारंपरिक खानों का जिक्र अत्यंत रोमांचित करनेवाला है। यहाँ की मधुबनी पेंटिंग और सोनपुर का मेला दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। जितिया, गोधन, सामा चकेवा, छठ व पिड़िया जैसे त्योहारों को मनाने के पीछे की कहानी खूब रोचक है। पुस्तक पढ़ने के बाद हर पाठक के मन में बिहार को नजदीक से देखने-जानने और समझने की भावना और अधिक प्रबल होगी। तो आइए बिहार और आनंद उठाइए एक अविस्मरणीय अनुभव का। आप यहाँ जितनी बार आएँगे, उतनी बार यह प्रदेश आपको नया-नया लगेगा।
Language: Hindi
Page No: 216
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